ख़बर शेयर करें -

हल्द्वानी। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने केंद्र सरकार द्वारा खाद्यान्न वस्तुओं पर लगाई गई जीएसटी का विरोध करते हुए जीएसटी नीति के तहत व्यापारियों की दुकानों के सर्वे छापे का पुरजोर तरीके से विरोध किया है। रामपुर रोड स्थित एक रेस्टोरेंट् में प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा का कहना है कि जब जीएसटी लागू की गई थी तब व्यापारियों को विश्वास में लिया गया था कि उनके लिए जीएसटी बेहद आसान होगी लेकिन अब तक जीएसटी में डेढ़ हजार से अधिक संशोधन किए गए हैं और अब तो सीधे-सीधे व्यापारियों की लिस्ट बनाकर उनके दुकानों में छापेमारी की कार्रवाई कर उत्पीड़न किया जाने लगा है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना के बाद से लगातार व्यापारी अपनी मांगों को लेकर  मुख्यमंत्रियों से मिलकर अपने प्रतिवेदन देता रहा है, लेकिन आज तक व्यापारी समाज की एक भी मांग प्रदेश व केन्द्र सरकार ने पूरी नहीं की है उल्टा अब व्यापारियों को डरा धमका कर टैक्स बढ़ाने की मुहिम चला दी है। जीएसटी काउंसिल द्वारा जीएसटी का सरलीकरण करने के बजाए और पेचीदा बना दिया गया है, वर्तमान में 18 जुलाई से खाद्यान्नों पर 5% का टैक्स लगा दिया गया है और अन्य कई वस्तु पर टैक्स रेट बढ़ाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी सर्वे छापे पूरी तरह बंद नहीं हुए तो हम सरकार के विरुद्ध प्रदेश व्यापी आन्दोलन करेंगे और फिर भी सरकार नहीं मानी तो हमें प्रदेश बंद की घोषणा करनी पड़ सकती है। इस मौके पर बाबू लाल गुप्ता , बिपिन गुप्ता, सौरभ भट्ट, राजेश अग्रवाल, हर्षवर्धन पांडे आदि मौजूद रहे। 

More Stories

Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments